
ग्रेटर नोएडा। मथुरा जिले में यमुना प्राधिकरण की प्रस्तावित हेरिटेज सिटी परियोजना को लेकर बुधवार को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में परियोजना से जुड़े दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों से जानकारी और सुझाव लेने के बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा सचिव समिति के समक्ष रखने को कहा गया है।

यमुना की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना पर मांगी जानकारी
बैठक में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी के यमुना नदी की बाढ़ से प्रभावित होने की संभावना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना को लेकर संभावित जोखिमों का आकलन किया जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से जुड़े पहलुओं को स्पष्ट करने के बाद ही प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
लाइसेंस फीस पर भी मांगे गए सुझाव
परियोजना को लेकर लाइसेंस फीस के मुद्दे पर भी अधिकारियों से सुझाव मांगे गए हैं। संबंधित विभागों से सुझाव प्राप्त करने के बाद प्रस्ताव में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को सचिव समिति के सामने दोबारा रखा जाएगा, जहां परियोजना से जुड़े अगले चरण पर निर्णय लिया जा सकता है।
750 एकड़ में विकसित होगी हेरिटेज सिटी
यमुना प्राधिकरण के फेज-2 में शामिल राया अर्बन सेंटर के तहत हेरिटेज सिटी परियोजना प्रस्तावित है। करीब 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 6210 करोड़ रुपये है। परियोजना को एनएच-44 से यमुना एक्सप्रेसवे के बीच प्रस्तावित 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर विकसित करने की योजना है। सड़क का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से किया जा रहा है।


