नोएडा मानसून की शुरुआत के साथ हुई पहली बारिश ने नोएडा में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे साफ हो गया कि इस बार मानसून के दौरान शहर के कई हिस्से तरणताल में तब्दील हो सकते हैं।
बदली व्यवस्था बनी परेशानी की वजह
नोएडा प्राधिकरण ने इस वर्ष नालों की सफाई की व्यवस्था में बदलाव किया, लेकिन नई व्यवस्था समय पर लागू नहीं हो सकी। इसका सीधा असर सफाई कार्य पर पड़ा और अधिकांश नालों की समय रहते सफाई नहीं हो पाई।
टेंडर नहीं होने से रुका सफाई कार्य
नालों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित रहा। नालों में जमा गाद और कचरे की वजह से बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल सका, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आई।
आने वाली बारिश बढ़ा सकती है मुश्किलें
यदि जल्द ही नालों की सफाई पूरी नहीं कराई गई तो आगामी बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर के प्रमुख मार्गों और रिहायशी इलाकों में जलभराव बढ़ने से लोगों को आवागमन और दैनिक जीवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


