नोएडा। सेक्टर-93 स्थित एक्सप्रेस व्यू अपार्टमेंट में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) चुनाव को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और संवैधानिक उल्लंघन के आरोपों के बाद चुनाव रद्द कर दिया गया। इस फैसले के बाद सोसाइटी के निवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए। आरोप है कि चुनाव अधिकारी ने बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के करीब 76 नामों में संशोधन कर दिया।
किरायेदारों के नाम जोड़ने पर उठे सवाल
निवासियों का आरोप है कि नोएडा अथॉरिटी की अधिकृत सूची से मिलान किए बिना कई किरायेदारों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिए गए। इसे आरडब्ल्यूए संविधान का सीधा उल्लंघन बताया जा रहा है। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि इस बदलाव से चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए और पूरे चुनाव की विश्वसनीयता प्रभावित हुई।
प्रत्याशी राकेश पति त्रिपाठी ने उठाई आवाज
चुनाव में प्रत्याशी राकेश पति त्रिपाठी ने इस पूरे मामले का विरोध करते हुए चुनाव अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारी अन्य उम्मीदवारों के दबाव में कार्य कर रहे थे और नियमों की अनदेखी की जा रही थी। राकेश पति त्रिपाठी और अन्य निवासियों ने जब चुनाव अधिकारी से वोटर लिस्ट में बदलाव का आधार और दस्तावेज मांगे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। बढ़ते विवाद और विरोध के बीच चुनाव अधिकारी ने चुनाव रद्द करने की घोषणा कर दी।
आर्थिक अनियमितताओं के भी लगे आरोप
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब चुनाव प्रक्रिया में आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए। निवासियों के मुताबिक:
- प्रत्याशियों से नामांकन शुल्क लिया गया।
- चुनाव प्रक्रिया कराने के नाम पर आरडब्ल्यूए से लगभग 75 हजार रुपये वसूले गए।
- इसके बावजूद निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं की गई।
CDO को सौंपा गया ज्ञापन
प्रत्याशी राकेश पति त्रिपाठी ने बताया कि उनके पास चुनाव अधिकारी की कथित मनमानी से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
निवासियों में भारी रोष
चुनाव रद्द होने के बाद सोसाइटी में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। निवासियों का कहना है कि इस विवाद से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों का भरोसा चुनाव प्रक्रिया से उठता जा रहा है। सोसाइटी के लोगों ने मांग की है कि अगली चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और आरडब्ल्यूए संविधान के दायरे में कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों।






