नोएडा। जिले की सड़कों पर संचालित 110 ई-बसों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं। इसके बावजूद अगले सप्ताह 90 नई ई-मिनी बसें भी शामिल होने वाली हैं।
प्रदूषण कम करने और बेहतर सफर का था उद्देश्य
ई-बस सेवा शुरू करने का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, लोगों को सस्ता और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना था। इसके लिए शहर में आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया।
गलत रूट चार्ट बना बड़ी वजह
ई-बसों के अपेक्षित सफलता नहीं मिलने का मुख्य कारण गलत रूट चार्ट बताया जा रहा है। कई रूट ऐसे हैं, जहां बसें यात्रियों को समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंचा पातीं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऑटो और ई-रिक्शा को दे रहे प्राथमिकता
बसों की धीमी और असुविधाजनक सेवा के कारण अधिकांश यात्री ऑटो और ई-रिक्शा से सफर करना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में ई-बसों में सवारियों की संख्या लगातार कम बनी हुई है, जिससे सेवा की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।


