
नोएडा/हरिद्वार। देशभर में चर्चित रहे निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसका शव सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान में रस्सी के सहारे लटका मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।

कुछ महीनों से हरिद्वार में चला रहा था चाय की दुकान
शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी को चाय की दुकान में एक व्यक्ति के फांसी लगाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान अल्मोड़ा के भिकियासैंण क्षेत्र के ग्राम मंगरुखाल निवासी सुरेंद्र कोली के रूप में कराई। पुलिस के मुताबिक, कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और किराए पर चाय का खोखा लेकर अपना काम कर रहा था।

दुकान से नहीं मिला सुसाइड नोट, हर एंगल से जांच
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि सुरेंद्र कोली निठारी कांड में आरोपित रहा था। फिलहाल उसकी मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। दुकान से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने अल्मोड़ा निवासी उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
2006 में सामने आया था निठारी कांड
साल 2006 में नोएडा के निठारी क्षेत्र में बच्चों के लापता होने और हत्याओं का मामला सामने आने के बाद देशभर में सनसनी फैल गई थी। मामले में सुरेंद्र कोली समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदला गया। 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। अब हरिद्वार में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस जांच में जुटी है।


