ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की भाटी कांड में नया मोड़: समझौते के बाद भी खत्म नहीं होगा केस, जानिए कानूनी सच

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के बीच पंचायत के जरिए समझौता होने की चर्चा है, लेकिन कानूनी तौर पर यह मामला खत्म नहीं होगा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, वे गैर-समझौतावादी श्रेणी में आती हैं। ऐसे में अदालत में केस की सुनवाई जारी रहेगी।

2025 में हुई थी निक्की की संदिग्ध मौत

कासना कोतवाली क्षेत्र के सिरसा गांव में 21 अगस्त 2025 को निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसकर मौत हो गई थी। मामले में मृतका की बहन कंचन भाटी ने अपने पति रोहित, देवर विपिन और सास-ससुर के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। कंचन भाटी ने खुद को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए आरोप लगाया था कि परिवार के लोगों ने मिलकर निक्की को जिंदा जला दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कासना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।

500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

पुलिस ने विस्तृत विवेचना के बाद करीब 500 पृष्ठों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। मामले में सबसे अहम गवाही निक्की के छह वर्षीय बेटे की मानी जा रही है। बच्चे ने अपने बयान में कहा था कि “दादी ने लाइटर दिया और पापा ने थिनर डालकर आग लगाई।”

पंचायत के बाद बढ़ी चर्चा

हाल ही में दोनों पक्षों के बीच रिश्तेदारों और गांव के लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई, जिसमें कुछ शर्तों के आधार पर समझौते की बात सामने आई। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अब मुकदमा समाप्त हो सकता है। कानूनी जानकारों का कहना है कि हत्या और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज मामलों को पंचायत या आपसी समझौते के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में अदालत कानून और सबूतों के आधार पर फैसला सुनाती है।

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