नोएडा। ग्रेटर नोएडा में बनने वाले मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब (एमएमएलएच) को विकसित करने के लिए बड़े औद्योगिक घरानों के बीच प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई है। करीब 8,551 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी मेगा परियोजना के लिए तीन प्रमुख कंपनियों ने अपनी दावेदारी पेश की है।
अदाणी समेत तीन कंपनियों ने डाली तकनीकी बिड
इस परियोजना के लिए अदाणी पोर्ट्स, जेएसडब्ल्यू शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स और एसआर लॉजिस्टिक्स सहित तीन कंपनियों ने बिड जमा की है। सोमवार को तीनों कंपनियों की तकनीकी बिड खोली गई। अब प्राधिकरण के अधिकारी इन बिड का आकलन कर रहे हैं।
बेहतर रेवेन्यू शेयरिंग वाली कंपनी को मिलेगा 45 साल का जिम्मा
तकनीकी बिड के आकलन के बाद कंपनियों को परियोजना से संबंधित प्रस्तुतीकरण देना होगा। इसके बाद वित्तीय बिड खोली जाएगी। बेहतर प्रेजेंटेशन और सबसे अधिक रेवेन्यू शेयरिंग की पेशकश करने वाली कंपनी को 45 वर्षों के लिए डीबीएफओटी मॉडल पर लॉजिस्टिक हब विकसित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
311 हेक्टेयर जमीन पर तीन चरणों में विकसित होगा लॉजिस्टिक हब
सफल बोलीदाता को प्राधिकरण को 90 करोड़ रुपये की वार्षिक लाइसेंस फीस भी देनी होगी। करीब 311 हेक्टेयर भूमि पर इस विशाल लॉजिस्टिक हब को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में ही चयनित कंपनी को करीब 2,374 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जबकि दूसरे और तीसरे चरण का विकास बाजार की मांग के आधार पर किया जाएगा।


