
नोएडा। एक तरफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई चल रही है, वहीं दूसरी ओर नोएडा प्राधिकरण की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महर्षि आश्रम से जुड़ी करीब 3500 बीघा जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और जमीन की खरीद-फरोख्त के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि इस जमीन पर सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार खड़ा कर दिया गया है।

फ्लैट, विला और प्लाटिंग का कारोबार जारी रहने का आरोप
आरोप है कि प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माण रोकने के लिए अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ईडी की कार्रवाई के बावजूद मौके पर फ्लैट और विला बनाए जाने के साथ ही जमीन की प्लाटिंग का काम जारी होने की बात सामने आई है। जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े कर उन्हें ऊंची कीमतों पर बेचने के भी आरोप लगाए गए हैं।
जमीन पर अवैध कॉलोनियां बसाने का आरोप
बताया जा रहा है कि महर्षि आश्रम से जुड़ी जमीन पर कई स्थानों पर विला, फ्लैट और कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। आरोप है कि जमीन को छोटे हिस्सों में बांटकर खरीदारों को बेचा जा रहा है। इससे बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और जमीन के कारोबार को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है।
फर्जी बिक्री मामले में पहले दो गिरफ्तार, कर्मचारियों से पूछताछ
फर्जी तरीके से जमीन बेचने के मामले में ईडी पूर्व में दो लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब इसी मामले में नोएडा प्राधिकरण के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में जमीन के दस्तावेज, बिक्री प्रक्रिया और कथित अवैध निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। संबंधित आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


