सामान्य वर्ग यानी सवर्ण समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एक अधिकार संपन्न राष्ट्रीय सवर्ण समाज आयोग के गठन की मांग उठाई गई है। इस संबंध में एक संस्था की ओर से केंद्रीय गृह मंत्री को विस्तृत ज्ञापन भेजकर सामान्य वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाएं लागू करने का अनुरोध किया गया है।
सामाजिक समानता और समरसता की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है। सामाजिक न्याय की अवधारणा तभी पूरी हो सकती है, जब समाज का कोई भी वर्ग स्वयं को उपेक्षित या वंचित महसूस न करे। इसी उद्देश्य से सामान्य वर्ग के हितों और समस्याओं के लिए एक समर्पित आयोग का गठन सामाजिक संतुलन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सवर्ण समाज की आर्थिक स्थिति का सर्वेक्षण
संस्था ने सामान्य वर्ग की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग की है। ज्ञापन में बेरोजगारी, प्रति व्यक्ति आय, भूमिहीनता और आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत सर्वेक्षण कराने की बात कही गई है, ताकि सरकारी नीतियां वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखकर बनाई जा सकें।
EWS व्यवस्था को सरल बनाने की मांग
ज्ञापन में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए लागू 10 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख करते हुए प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की गई है। संस्था का कहना है कि आय और संपत्ति संबंधी पात्रता मानकों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि पात्र लोगों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।


