नोएडा प्राधिकरण की शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शहर के छह बड़े बिल्डरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच के तहत बिल्डरों से जुड़े दस्तावेज सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक भवन के ग्रुप हाउसिंग विभाग से मांगे गए हैं। मामले में वित्तीय लेनदेन और परियोजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
फ्लैट खरीदारों के धन के इस्तेमाल की होगी पड़ताल
ईओडब्ल्यू की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि फ्लैट खरीदारों से वसूली गई रकम का उपयोग किस तरह किया गया। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि धन का इस्तेमाल संबंधित परियोजनाओं में हुआ या उसे अन्य परियोजनाओं अथवा दूसरे माध्यमों में स्थानांतरित कर दिया गया।
1589 करोड़ रुपये के बकाये पर कसा शिकंजा
प्राधिकरण के अनुसार संबंधित बिल्डरों पर करीब 1589 करोड़ रुपये का बकाया है। इसी वित्तीय अनियमितता को देखते हुए जांच एजेंसी ने दस्तावेज जुटाने और लेनदेन की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
हवाला कनेक्शन समेत हर वित्तीय पहलू की होगी जांच
ईओडब्ल्यू अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं फ्लैट खरीदारों से वसूली गई रकम का हवाला या अन्य अवैध माध्यमों से लेनदेन तो नहीं किया गया। जांच एजेंसी सभी वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और फंड फ्लो की पड़ताल कर रही है। यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित बिल्डरों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


