नोएडा। नोए़डा में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जमीन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पंचायती राज व्यवस्था के तहत आने वाले गांवों में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए भी पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है। पंचायती राज विभाग ने योजनाओं के लिए राजस्व विभाग से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्राधिकरण में शामिल होने से बढ़ी समस्या
जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतें विभिन्न प्राधिकरणों में शामिल हो चुकी हैं। अब केवल 82 ग्राम पंचायतें ही पंचायती राज व्यवस्था के तहत शेष हैं। गांवों की अधिकांश जमीन प्राधिकरण पहले ही अधिग्रहित कर चुके हैं, जबकि आबादी क्षेत्र में भी खाली सरकारी भूमि लगभग समाप्त हो चुकी है। इससे विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है।
पंचायत भवन निर्माण में आ रही बाधा
जमीन की कमी के कारण पंचायती राज विभाग अपनी कई योजनाओं को समय पर लागू नहीं कर पा रहा है। जिले के आठ गांवों में अब भी पंचायत भवन नहीं बन पाए हैं। जिन गांवों में भूमि उपलब्ध है, वह आबादी से काफी दूर स्थित है, जिससे पंचायत भवन का निर्माण और उसका उपयोग दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
राजस्व विभाग से मांगी गई भूमि
जिला पंचायती राज अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि योजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध राजस्व विभाग से किया गया है। हालांकि अब तक आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। विभाग को उम्मीद है कि भूमि उपलब्ध होने के बाद लंबित योजनाओं का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा।


