नोएडा।ग्रेटर नोएडा में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन की घरौनी अपने पति के नाम दर्ज करने के मामले में जिलाधिकारी मेधा रूपम ने एक महिला लेखपाल को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद लेखपाल को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
शिकायत के बाद कराई गई जांच
मामले की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने जांच तहसीलदार को सौंपी थी। जांच के दौरान महिला लेखपाल से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई करते हुए मामले की विस्तृत जांच तहसीलदार न्यायिक को सौंप दी गई है।
स्वामित्व योजना के तहत बनी थीं घरौनियां
गांवों में लोगों के नाम पर संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने स्वामित्व योजना शुरू की थी। इसके तहत घरौनी तैयार कर ग्रामीणों को संपत्ति का दस्तावेज उपलब्ध कराया गया, ताकि जमीन से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान हो सके।
गौतमबुद्ध नगर में चला था पायलट प्रोजेक्ट
स्वामित्व योजना के तहत गौतमबुद्ध नगर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया था। यहां घरौनी तैयार करने का कार्य सबसे पहले शुरू किया गया था। अब सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित अनियमितता सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है।


