नोएडा के जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को ऑनकॉल बुलाने की व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिलने से अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
बिना विशेषज्ञ की सलाह मरीज को किया रेफर
तीन दिन पहले अस्पताल में एक गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान मरीज को बिना किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लिए तथा बिना एक्सरे जांच कराए ही दूसरे अस्पताल रेफर करने की तैयारी कर ली गई। इस घटना ने इमरजेंसी सेवाओं की लापरवाही उजागर कर दी।
अपर निदेशक ने जताई नाराजगी
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मेरठ मंडल के अपर निदेशक ने मामले का संज्ञान लेते हुए इमरजेंसी में ऑनकॉल विशेषज्ञ को न बुलाने और बिना एक्सरे जांच मरीज को रेफर करने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद स्टाफ को फटकार लगाई।
सीएमएस से मांगा गया जवाब
मामले को गंभीर मानते हुए अपर निदेशक ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से पूरे प्रकरण पर जवाब तलब किया है। साथ ही इमरजेंसी सेवाओं में निर्धारित व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी लापरवाही न होने के निर्देश दिए हैं।


