नोएडा। रोहिल्लापुर गांव के खसरा संख्या-4 की 1917.03 वर्गमीटर जमीन पर अवैध निर्माण कराने के आरोप में वर्क सर्किल-9 के अवर अभियंता (जेई) निशांत त्यागी और उनके दो सुपरवाइजर जांच के दायरे में आ गए हैं। शिकायत मिलने पर वरिष्ठ प्रबंधक अनिल मोराल ने निर्माण रुकवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आरोप है कि जेई ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए निर्माण रुकवाने की गलत जानकारी दे दी।
वीडियो सामने आते ही हरकत में आया प्राधिकरण
शनिवार को प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए मौके की फोटो और वीडियो भेजी गई। इनमें अवर अभियंता और सुपरवाइजर की मौजूदगी में निर्माण कार्य होता दिखाई दिया। इसके बाद शीर्ष अधिकारियों ने महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा को तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने के निर्देश दिए।
निर्माण रुका, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू
महाप्रबंधक के निर्देश पर अवर अभियंता भूलेख विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया। भूलेख राजस्व अधिकारी एवं ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता और सुपरवाइजर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।
रेजिडेंट्स एसोसिएशन ने समझौते के उल्लंघन का लगाया आरोप
नोएडा विलेज रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजन तोमर ने कहा कि वर्ष 2006 में प्राधिकरण के साथ हुए समझौते के तहत आबादी की जमीन अलग छोड़ी गई थी। उनका आरोप है कि अब उसी जमीन पर पांच प्रतिशत विकसित भूखंड का दावा करना समझौते का उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और इसके दस्तावेज भी मीडिया के सामने प्रस्तुत किए गए हैं।


