नोएडा। अग्निशमन और प्राधिकरण अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जून 2026 में लखनऊ के गेमिंग जोन और कोचिंग सेंटर में भीषण आग की घटना के बाद जिलाधिकारी ने पीजी, होटल, रेस्त्रां और अन्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों की जांच कराने के लिए पत्र जारी किया था। आरोप है कि यह पत्र प्राधिकरण स्तर पर ही दब गया और उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
नियमों की अनदेखी से बढ़ा खतरा
प्राधिकरण और संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण शहर में कई पीजी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता रहा। समय रहते निरीक्षण और कार्रवाई नहीं होने से अवैध और असुरक्षित भवनों का संचालन जारी रहा, जिससे बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी रही।
मामूरा अग्निकांड ने खोली अधिकारियों की पोल
मामूरा स्थित अवैध पीजी में लगी भीषण आग ने विभागीय लापरवाही की पोल खोल दी। इस दर्दनाक हादसे में स्नेहा और ऋषभ की मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
लीजधारक और भवन मालिक को नोटिस
घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सिटी मजिस्ट्रेट ने लीजधारक और भवन मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।


