ग्रेटर नोएडा। उद्योग और व्यापार के साथ अब गौतमबुद्ध नगर शिक्षा के क्षेत्र में भी वैश्विक पहचान बना रहा है। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और शोध के लिए आए कुल 5,953 विदेशी छात्रों में से करीब 35 प्रतिशत गौतमबुद्ध नगर के शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
विश्वविद्यालयों में बढ़ रहा नामांकन
जिले के विश्वविद्यालयों में हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी छात्र प्रवेश ले रहे हैं। अकेले शारदा विश्वविद्यालय में करीब 850 विदेशी छात्र अध्ययन करते हैं और 90 से अधिक देशों के विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में 100 से अधिक विदेशी छात्र पंजीकृत हैं। एमिटी, गलगोटिया, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी समेत अन्य संस्थानों में भी करीब 950 विदेशी छात्र उच्च शिक्षा और शोध कर रहे हैं।
नए कोर्स और सुविधाओं पर जोर
जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने बताया कि विदेशी छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उनकी जरूरतों को देखते हुए एक दर्जन से अधिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं और नए शैक्षणिक सत्र से कई नए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। वहीं, शारदा विश्वविद्यालय के पीआर हेड डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि विदेशी छात्र इंजीनियरिंग, प्रबंधन, वास्तुकला, मेडिकल समेत कई विषयों में अध्ययन कर रहे हैं।
शिक्षा का बड़ा केंद्र बनेगा जिला
ग्रेटर नोएडा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का भारत का पहला कैंपस भी शुरू होने जा रहा है। इसके अलावा आईटीएस, केसीसी, जेबीएम, जीएनओआईटी और माधव मेनन विश्वविद्यालय के प्रस्ताव भी लंबित हैं। यदि इन्हें मंजूरी मिलती है तो जिले में विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी और गौतमबुद्ध नगर उत्तर भारत में सबसे अधिक निजी विश्वविद्यालयों वाला जिला बन जाएगा।


