नोएडा। निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से क्रेडाई एनसीआर ने वैज्ञानिक प्रयास तेज कर दिए हैं। संगठन की वार्षिक बैठक में आईआईटी दिल्ली के साथ संचालित एयर पॉल्यूशन एंड कंस्ट्रक्शन रिसर्च परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई और इसे आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई।
पर्यावरण और श्रमिक कल्याण पर जोर
बैठक में सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण, श्रमिकों के कल्याण और रियल एस्टेट क्षेत्र में कारोबार को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी दिल्ली के अध्ययन से निर्माण स्थलों पर धूल, कचरा और अन्य प्रदूषकों को नियंत्रित करने के व्यावहारिक उपाय सामने आएंगे, जिससे एनसीआर में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
पौधारोपण और कौशल विकास पर चर्चा
बैठक में ‘मातृवन’ पौधारोपण अभियान, कौशल विकास कार्यक्रम और युवाओं की भागीदारी जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। इन पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
ग्रैप और रेरा से जुड़ी चुनौतियों पर मंथन
क्रेडाई एनसीआर के पदाधिकारियों ने ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के तहत निर्माण प्रतिबंध, रेरा नियमों, परियोजना स्वीकृतियों, कानूनी मामलों और दिवालिया प्रक्रिया (आईबीसी) से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन कायम रखने का संकल्प लिया गया। साथ ही कक्षा 12 की छात्रा आरना गुप्ता ने कामगारों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर अपने अध्ययन को भी साझा किया।


