नोएडा सेक्टर-78 स्थित वेदवन पार्क में प्रतिदिन हो रहा नुकसान
नोएडा के सेक्टर-78 स्थित वेदवन पार्क में स्थापित मूर्तियों, स्मारकों और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं को लगातार नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। पार्क में आने वाले पर्यटक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अन्य आगंतुक सेल्फी लेने, फोटो खिंचवाने और रील बनाने के दौरान इन संरचनाओं पर चढ़ जाते हैं, जिससे उनकी सुंदरता और संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो रही है।
CCTV और सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद नहीं रुक रही लापरवाही
पार्क परिसर में CCTV कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद स्मारकों के साथ छेड़छाड़ और उन पर चढ़ने की घटनाएं लगातार जारी हैं। विशेष रूप से पार्क में लगी विशाल सजावटी घड़ी (वॉच इंस्टॉलेशन) सबसे अधिक नुकसान झेल रही है, जिस पर लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए चढ़ जाते हैं।
उद्यान निदेशक को भेजा गया पत्र, तत्काल कार्रवाई की मांग
इस संबंध में नोएडा प्राधिकरण के उद्यान निदेशक को पत्र भेजकर पार्क की धरोहरों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल निगरानी पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी रोकथाम उपाय भी जरूरी हैं।
सुझाव: चेतावनी बोर्ड, जुर्माना और बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो
पत्र में पार्क के संवेदनशील स्थलों पर हिंदी और अंग्रेजी में चेतावनी बोर्ड लगाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर जुर्माना लगाने और मूर्तियों व स्मारकों के चारों ओर सौंदर्यपरक बैरिकेडिंग करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही पार्क में अलग से सेल्फी और फोटोग्राफी जोन विकसित करने की भी मांग की गई है।
नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी की आवश्यकता
पत्र में CCTV मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने, सुरक्षा कर्मियों को तत्काल हस्तक्षेप के निर्देश देने तथा सप्ताहांत और शाम के समय जागरूकता संबंधी घोषणाएं कराने की मांग भी की गई है। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
‘शहर की पहचान हैं वेदवन पार्क की संरचनाएं’
पत्र में कहा गया है कि वेदवन पार्क नोएडा की महत्वपूर्ण सार्वजनिक धरोहरों में से एक है। इसकी मूर्तियां, स्मारक और कलात्मक संरचनाएं शहर की पहचान और आकर्षण का केंद्र हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए नोएडा प्राधिकरण को जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन धरोहरों का आनंद ले सकें।






