नोएडा। दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गौतमबुद्ध नगर में अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जिलेभर में होटल, रेस्तरां और गेस्ट हाउसों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की विशेष जांच शुरू की गई, जिसमें कई प्रतिष्ठानों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। तीन दिन तक चले अभियान में 62 होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें से 16 को सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर नोटिस जारी किया गया है।
फायर अलार्म से लेकर इमरजेंसी एग्जिट तक की जांच
गौतमबुद्ध नगर अग्निशमन विभाग की टीमों ने अभियान के दौरान होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां में फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, फायर हाइड्रेंट, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि दिल्ली की घटना के बाद जिले में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कई प्रतिष्ठानों में मिली गंभीर लापरवाही
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर फायर सेफ्टी उपकरण या तो खराब मिले या उनका रखरखाव नहीं किया गया था। कुछ प्रतिष्ठानों में आपातकालीन निकास मार्ग अवरुद्ध पाए गए, जिससे हादसे की स्थिति में लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इन कमियों को गंभीर मानते हुए विभाग ने 16 होटल संचालकों को नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”
सीएफओ प्रदीप कुमार चौबे ने साफ कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा, ताकि आग जैसी आपात स्थिति में जनहानि और बड़े नुकसान से बचा जा सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अग्निशमन विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने होटल और गेस्ट हाउस संचालकों से अपील की है कि वे अपने परिसर में लगे सभी फायर सेफ्टी उपकरण हमेशा चालू हालत में रखें और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का नियमित प्रशिक्षण दें। अधिकारियों का कहना है कि जिले में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों के बीच फायर सेफ्टी को लेकर किसी तरह की ढिलाई भारी पड़ सकती है।






