Noida News: नोएडा के सेक्टर-50 में सार्वजनिक सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। सेक्टर के एक निवासी ने नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद कई परियोजनाएं वर्षों से बंद पड़ी हैं, जबकि पार्कों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
वर्षों से बंद पड़ा सेक्टर-50 क्लब
निवासी ने बताया कि सेक्टर-50 क्लब करीब पांच से छह साल पहले पूरी तरह तैयार हो चुका था। भवन निर्माण से लेकर महंगे फर्नीचर तक पर भारी खर्च किया गया, लेकिन आंतरिक विवादों और लापरवाही के कारण क्लब आज तक शुरू नहीं हो पाया। अब स्थिति यह है कि परिसर में आवारा कुत्ते घूमते हैं और केवल एक सुरक्षा गार्ड तैनात है। निवासियों का कहना है कि यदि क्लब को शुरू ही नहीं करना था तो करोड़ों रुपये खर्च करने का क्या औचित्य था।
मेघदूतम पार्क में सुरक्षा और स्वच्छता पर चिंता
निवासी ने मेघदूतम पार्क की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पार्क में कई समूहों में आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पार्क और आसपास कबूतरों को दाना खिलाने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी उन्होंने गंभीर समस्या बताया। उनका कहना है कि कबूतरों की गंदगी और उनसे फैलने वाली बीमारियां लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही हैं।
ग्रीन बेल्ट कम होने से बढ़ी ट्रैफिक और शोर की समस्या
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण द्वारा कई ग्रीन बेल्ट को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने से इलाके में ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण बढ़ गया है। बारात घरों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण स्थानीय निवासियों, खासकर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
“सिर्फ वादे नहीं, अब चाहिए कार्रवाई”
सेक्टरवासियों का कहना है कि शिकायतें लगातार की जा रही हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने प्राधिकरण से जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यह केवल संसाधनों की बर्बादी नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ भी अन्याय होगा।






