Noida News : सेक्टर-51 स्थित पार्कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जिस चिल्ड्रन पार्क और आसपास के ग्रीन एरिया को कभी हरियाली का प्रतीक माना जाता था, आज वहां सूखी घास, मुरझाते पेड़ और धूल उड़ाती जमीन नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले करीब डेढ़ महीने से पार्कों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है, क्योंकि अधिकांश मोटर और समरसेबल खराब पड़े हैं।
“हरियाली खत्म होने की कगार पर”
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के अनुसार पार्कों में लगे अधिकतर समरसेबल और मोटर खराब हो चुके हैं। केवल वीडीएस मार्केट की तरफ लगी एक मोटर ही किसी तरह काम कर रही है, जबकि बाकी सभी सिस्टम बंद पड़े हैं। पानी की सप्लाई ठप होने से घास पूरी तरह सूख चुकी है और कई पेड़ भी सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं।
चिल्ड्रन पार्क भी सूखने लगा
महासचिव संजीव कुमार का कहना है कि चिल्ड्रन पार्क को पिछले कुछ समय में काफी हरा-भरा बनाया गया था, लेकिन अब पानी न मिलने से पूरा पार्क बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। बच्चों के खेलने की जगह अब सूखी जमीन में बदलती जा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
“प्राधिकरण और ठेकेदार की लापरवाही”
निवासियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो ठेकेदार कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सेक्टर के पार्क पूरी तरह उजड़ सकते हैं।
मेघदूत पार्क मॉडल लागू करने की मांग
सेक्टर-51 आरडब्ल्यूए के महासचिव संजीव कुमार ने मांग की है कि मेघदूत पार्क की तर्ज पर यहां भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे भूजल का दोहन रुकेगा, पानी की बचत होगी और पार्कों की हरियाली भी बरकरार रह सकेगी।
“तुरंत हो कार्रवाई”
स्थानीय निवासियों ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि खराब पड़े सभी समरसेबल और मोटरों को तत्काल ठीक कराया जाए, ताकि पार्कों की हरियाली बचाई जा सके और लोगों को राहत मिल सके।






