नोएडा की बिजली व्यवस्था ‘राम भरोसे’..!, गर्मी के बीच बिजली विभाग पर लगे गंभीर आरोप

नोएडा। देश के सबसे हाईटेक शहरों में गिने जाने वाले नोएडा की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। इस बीच सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय उर्फ दीपक शर्मा ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनता के साथ ‘क्रूर मजाक’ और सरकार की छवि खराब करने की बड़ी साजिश बताया है।

108 सबस्टेशन की जिम्मेदारी सिर्फ दो इंजीनियरों पर!

दिव्य कृष्णात्रेय उर्फ दीपक शर्मा

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय उर्फ दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि नोएडा के करीब 108 विद्युत उपकेंद्रों की जिम्मेदारी केवल दो एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों के भरोसे छोड़ दी गई है। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह अव्यावहारिक और जनता विरोधी है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ फॉल्ट होंगे तो आखिर दो अधिकारी पूरे शहर की बिजली व्यवस्था कैसे संभालेंगे? इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।

JE पर कई सबस्टेशन का बोझ, फॉल्ट होने पर मच रहा हाहाकार

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि अवर अभियंताओं (JE) को भी एक साथ कई सबस्टेशन का जिम्मा सौंप दिया गया है। ऐसे में यदि अलग-अलग जगहों पर एक साथ तकनीकी खराबी आती है तो कर्मचारी पहले किस जगह पहुंचे? इस अव्यवस्था के चलते भीषण गर्मी में लोग घंटों बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

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अनुभवी लाइनमैनों की छंटनी पर उठे सवाल

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच अनुभवी संविदा लाइनमैनों की छंटनी की जा रही है। उनका कहना है कि यह फैसला न केवल अमानवीय है बल्कि शहर की बिजली व्यवस्था को जानबूझकर कमजोर करने जैसा है। उन्होंने कहा कि जमीन पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या घटने से फॉल्ट ठीक करने में पहले से ज्यादा समय लग रहा है।

बिना ट्रायल लागू कर दी नई व्यवस्था

दिव्य कृष्णात्रेय ने बिजली विभाग पर बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के नई व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले उसका परीक्षण होना चाहिए, लेकिन यहां पूरे सिस्टम को ही प्रयोगशाला बना दिया गया है।

“सरकार की छवि खराब करने की साजिश”

आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधिकारी जानबूझकर ऐसी अव्यवस्था फैला रहे हैं, जिससे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की छवि को नुकसान पहुंचे।

उन्होंने कहा कि जब जनता भीषण गर्मी में त्राहि-त्राहि कर रही है, तब अधिकारी वातानुकूलित कमरों में बैठकर अव्यावहारिक प्रयोग करने में व्यस्त हैं। उन्होंने मांग की कि बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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