नोएडा । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार सुबह से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी। दो महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने ‘नो पे-नो वर्क’ की नीति अपनाते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हड़ताल का असर नोएडा समेत गौतमबुद्ध नगर के कई स्वास्थ्य केंद्रों और सेवाओं पर दिखाई देने लगा है।
वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक

संकट
एनएचएम कर्मचारी संघ के गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष डॉ. मतलूब खान ने बताया कि जनपद में एनएचएम के तहत वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, डेटा ऑपरेटर और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। पिछले दो महीनों से किसी भी कर्मचारी को वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार उच्च अधिकारियों से वेतन जारी करने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बच्चों की फीस और पढ़ाई तक प्रभावित
संघ के महामंत्री आशुदीप ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बावजूद कर्मचारी अपने बच्चों की स्कूल फीस, एडमिशन और किताबों का खर्च तक नहीं उठा पा रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण कर्मचारियों के परिवारों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा रोष है और लंबे समय से लंबित वेतन को लेकर कई बार चेतावनी भी दी जा चुकी थी।
पहले दी थी चेतावनी, अब शुरू हुआ कार्य बहिष्कार
कर्मचारी संघ ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि 20 मई तक दो महीने का लंबित मानदेय जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। मांग पूरी न होने पर अब प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन जारी नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।






