नोएडा।नोएडा प्राधिकरण बिल्डरों से करीब 26 हजार करोड़ रुपये का बकाया वसूलने में लगातार चुनौती का सामना कर रहा है। अमिताभ कांत की सिफारिशों के बाद भी 30 बिल्डरों ने अपनी बकाया राशि जमा नहीं की है। इसके चलते हजारों फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री अटकी हुई है। अब प्राधिकरण ने बकाया राशि और जुर्माने की वसूली के लिए इन बिल्डरों को दोबारा नोटिस जारी किया है।
नोटिस तक सीमित कार्रवाई पर उठे सवाल
बिल्डरों पर कार्रवाई को लेकर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। प्राधिकरण के पास आवंटन निरस्त करने का अधिकार होने के बावजूद अभी तक केवल नोटिस जारी करने तक ही कार्रवाई सीमित है। इससे फ्लैट खरीदारों में नाराजगी बढ़ रही है, क्योंकि उन्हें लंबे समय से अपने घरों की रजिस्ट्री का इंतजार है।
जीरो पीरियड योजना से मिली थी बिल्डरों को राहत
नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी के अनुसार, 21 दिसंबर 2023 को अमिताभ कांत की सिफारिशों से जुड़ा शासनादेश लागू किया गया था। इसका उद्देश्य बिल्डरों और फ्लैट खरीदारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को खत्म करना था, ताकि खरीदारों को उनके घरों का मालिकाना हक मिल सके।
चार किस्तों में भुगतान का मिला था विकल्प
इस योजना के तहत 57 बिल्डरों को राहत देने के लिए बकाया राशि की गणना एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) के आधार पर की गई थी। बिल्डरों को बकाया रकम चार किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई थी। तय राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करने पर उन्हें वर्ष 2013 में एनजीटी के आदेश के तहत जीरो पीरियड का लाभ भी मिलना था। हालांकि, कई बिल्डरों द्वारा भुगतान नहीं करने से खरीदारों की परेशानी अभी भी जारी है।


