नोएडा। प्रदेश के हाईटेक जिलों में शामिल और एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे गौतमबुद्ध नगर में शिक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी का असर साफ दिखाई दे रहा है। जिले के चारों ब्लॉकों की जिम्मेदारी फिलहाल सिर्फ एक बीईओ के कंधों पर है।
दादरी, जेवर और दनकौर में पद खाली: जिले के दादरी, जेवर और दनकौर ब्लॉक में बीईओ के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। ऐसे में बिसरख में तैनात बीईओ को ही प्रभारी बनाकर इन तीनों ब्लॉकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ब्लॉक स्तर के काम हो रहे प्रभावित
एक अधिकारी पर बढ़ा काम का दबाव: चारों ब्लॉकों की जिम्मेदारी एक ही बीईओ के पास होने से ब्लॉक स्तर पर होने वाले शिक्षा विभाग के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिकारी को अलग-अलग ब्लॉकों की जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं।
व्यवस्थाओं पर पड़ रहा असर: अधिकारियों की कमी के कारण शिक्षा विभाग के कामकाज को लेकर चुनौतियां बढ़ रही हैं। विभागीय स्तर पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास भी प्रभावित होते दिखाई दे रहे हैं।
निपुण रैंकिंग में जिला 35वें स्थान पर
निपुण रैंकिंग में पिछड़ा जिला: इस वर्ष जारी निपुण रैंकिंग में गौतमबुद्ध नगर का स्थान 35वें नंबर पर रहा। जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
बिसरख की स्थिति भी निराशाजनक: जिले के सबसे हाईटेक ब्लॉक कहे जाने वाले बिसरख की स्थिति निपुण रैंकिंग में सबसे निराशाजनक रही। वहीं, शासन और जिला प्रशासन की ओर से बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने पर जोर दिया जा रहा है।
बीईओ की नियुक्ति की जरूरत
एक ही अधिकारी पर चार ब्लॉकों की जिम्मेदारी: जिले में फिलहाल सिर्फ एक बीईओ की तैनाती होने के कारण उसे बिसरख के साथ दादरी, जेवर और दनकौर की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ रही है। इससे अधिकारी पर अतिरिक्त कार्यभार बना हुआ है।
जल्द नियुक्ति से सुधर सकती है व्यवस्था: शिक्षा विभाग में खाली पड़े बीईओ के पदों पर जल्द नियुक्ति होने से ब्लॉक स्तर के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है। इससे स्कूलों की निगरानी और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के प्रयासों को भी गति मिल सकती है।


