
ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासन समिति ने जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर के अध्यक्ष अधिवक्ता मनोज कुमार भाटी का वकालत लाइसेंस निरस्त कर दिया है। समिति ने यह कार्रवाई एक शिकायत से जुड़े परिवाद की सुनवाई के बाद की है। मामले को लेकर अधिवक्ता जगत में चर्चा शुरू हो गई है।
वायुसेना में सेवा के दौरान पढ़ाई करने का मामला
समिति ने अपने आदेश में कहा है कि मनोज कुमार भाटी ने भारतीय वायुसेना में सेवा के दौरान विभाग की अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना शैक्षिक योग्यताएं हासिल कीं। समिति के अनुसार, इस आधार पर उनकी तीन वर्षीय एलएलबी डिग्री पूरी तरह अमान्य और अवैध है। आदेश की प्रति यूपी बार काउंसिल के सचिव के पत्र के साथ संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
2004 में शुरू की थी एलएलबी की पढ़ाई
यह मामला वीरेंद्र सिंह की शिकायत पर दर्ज परिवाद से जुड़ा है। वीरेंद्र सिंह ने 22 फरवरी 2021 को शपथ पत्र के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मनोज कुमार भाटी 22 फरवरी 1991 से 30 अप्रैल 2009 तक भारतीय वायुसेना में सेवा में रहे। इसी दौरान उन्होंने वर्ष 2004 में एलएलबी की पढ़ाई शुरू की थी।
शिकायत की जांच के बाद लाइसेंस पर कार्रवाई
शिकायत में वायुसेना की सेवा अवधि के दौरान एलएलबी की पढ़ाई करने और इसके लिए विभागीय अनुमति नहीं लिए जाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे। मामले की सुनवाई और जांच के बाद अनुशासन समिति ने उनकी एलएलबी डिग्री को अमान्य एवं अवैध मानते हुए वकालत का लाइसेंस निरस्त करने का आदेश दिया। संबंधित अधिकारियों को भी आदेश की प्रति भेजी गई है।



