ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर 44 गांवों के किसानों का मौन मार्च, 4 फीसदी अतिरिक्त भूखंड की मांग तेज

ग्रेटर नोएडा में जमीन अधिग्रहण के बदले 4 फीसदी अतिरिक्त भूखंड की मांग को लेकर सोमवार को 44 गांवों के सैकड़ों किसानों ने शक्ति प्रदर्शन किया। किसानों ने जैतपुर गोलचक्कर से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय तक मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन को देखते हुए प्राधिकरण कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुबह से ही अलग-अलग गांवों के किसान जैतपुर गोलचक्कर पर जुटने लगे थे। करीब 11 बजे किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से मौन मार्च शुरू किया और प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर ओएसडी हरीश झा को ज्ञापन सौंपा।

“10 फीसदी का वादा, 6 फीसदी पर सीमित कर दिया”

किसानों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान प्राधिकरण की ओर से 10 फीसदी विकसित भूखंड देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधिकांश किसानों को केवल 6 फीसदी भूखंड ही आवंटित किए गए। किसानों का कहना है कि वर्षों से अतिरिक्त 4 फीसदी भूखंड की मांग लंबित है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर गांवों की जमीन ली गई, लेकिन बदले में किसानों को पूरा अधिकार नहीं मिला। उनका कहना है कि जब तक लंबित मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए सरकार तक पहुंचाई बात

किसानों ने इस बार विरोध का तरीका शांत रखा और बिना नारेबाजी के मौन जुलूस निकाला। उनका कहना था कि यह प्रदर्शन सरकार और प्रशासन को यह संदेश देने के लिए है कि किसान अब भी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान संतराम, अमित भाटी, ओमवीर प्रधान, प्रवीण शर्मा, सत्तन भाटी, अभय भाटी, चरण सिंह, अमित खारी, विजेंद्र बसौया, कपिल गुर्जर और धनवंती समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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