नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अवैध पीजी, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल, रेस्त्रां, गेस्ट हाउस और अन्य अवैध भवनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डीएम का पत्र भी नहीं पहुंचा कार्रवाई तक
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अवैध भवनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोएडा प्राधिकरण को पत्र भेजा था, लेकिन बताया जा रहा है कि वह पत्र प्राधिकरण स्तर पर ही लापता हो गया। इसके चलते अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
जिले में अवैध भवनों की भरमार
गौतमबुद्ध नगर में बड़ी संख्या में अवैध पीजी और अन्य भवन संचालित हो रहे हैं। इन इमारतों में कई जगह अग्नि सुरक्षा और भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है।
मामूरा हादसे के बाद भी नहीं बदले हालात
मामूरा गांव में हुए अग्निकांड के बाद भी घटना स्थल के आसपास संचालित दर्जनों अवैध पीजी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इन पीजी में बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं और हादसे के बाद भी उनकी सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासन की निष्क्रियता पर स्थानीय लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं।


