नोेएडा। नोएडा सेक्टर-119 स्थित ‘द अरण्या’ ग्रुप हाउसिंग परियोजना में निवेशकों से फ्लैट दिलाने के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कार्रवाई तेज कर दी है।
सीबीआई ने प्राधिकरण के अधिकारियों को किया तलब
बुधवार को सीबीआई ने नोएडा प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग विभाग और नियोजन विभाग के दो अधिकारियों को परियोजना से जुड़े मूल दस्तावेजों के साथ तलब किया। जांच एजेंसी परियोजना की स्वीकृति, दस्तावेजों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
मूल दस्तावेजों की होगी गहन जांच
सीबीआई अधिकारियों ने परियोजना से संबंधित मूल अभिलेखों और स्वीकृति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी में किन स्तरों पर अनियमितताएं हुईं और किसकी क्या भूमिका रही।
प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सीबीआई इस बात की भी जांच कर रही है कि परियोजना से जुड़े मामलों में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और कहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई।


