
ग्रेटर नोएडा । गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए प्रस्तावित गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश कैबिनेट ने परियोजना की निर्माण एजेंसी के चयन को मंजूरी दे दी है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दोनों एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र में आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

8,586 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण
गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 74.5 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर 8,586 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह यमुना एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-21 स्थित फिल्म सिटी के नजदीक जुड़ेगा। इसकी मुख्य सड़क 80 मीटर चौड़ी होगी, जबकि दोनों ओर सर्विस रोड सहित कुल चौड़ाई 130 मीटर निर्धारित की गई है। परियोजना को यीडा क्षेत्र और बुलंदशहर में दो पैकेज में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर बनाया जाएगा।
92 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीदी
एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए यमुना प्राधिकरण अपने अधिसूचित क्षेत्र में करीब 92 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीद चुका है। वहीं, बुलंदशहर जिले में भी लगभग 70 प्रतिशत जमीन खरीदी जा चुकी है। हालांकि, प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में कुछ गांवों की आबादी आने के कारण शेष जमीन खरीदने में परेशानी हो रही है।
रबूपुरा और कपना गांव में जमीन अधिग्रहण की तैयारी
यीडा क्षेत्र के रबूपुरा और बुलंदशहर के अधिसूचित क्षेत्र में स्थित कपना गांव में कुछ आबादी एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में आ रही है। मकान मालिकों की सहमति नहीं मिलने से करीब आठ प्रतिशत जमीन की खरीद अटकी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए जमीन अधिग्रहण कानून का सहारा लिया जाएगा। यीडा के एसीईओ राजेश कुमार सिंह के अनुसार, प्राधिकरण क्षेत्र में 92 प्रतिशत और बुलंदशहर जिले में 70 प्रतिशत जमीन खरीदी जा चुकी है।


