नोएडा।जिला एवं सत्र न्यायालय ने बोड़ाकी गांव निवासी किसान की शिकायत पर दाखिल क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा समेत चार अधिकारियों को तलब किया है। अदालत ने सभी को 25 अगस्त 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है।
इन अधिकारियों को होना है अदालत में पेश
मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अलावा तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी और तत्कालीन जिला खनन अधिकारी निर्मल सिंह को अदालत ने तलब किया है। न्यायालय ने निर्धारित तारीख पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
किसान ने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल की याचिका
बोड़ाकी गांव निवासी किसान बलराज भाटी की ओर से अधिवक्ता चौधरी हरिराज सिंह ने अदालत में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की थी। याचिका में किसान की जमीन से मिट्टी निकाले जाने और उसके इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
जमीन से करीब 20 लाख रुपये की मिट्टी निकालने का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चमरावली-रामगढ़ गांव स्थित किसान की जमीन से करीब 20 लाख रुपये कीमत की मिट्टी निकाल ली गई। आरोप के अनुसार निकाली गई मिट्टी को न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) के परिसर में डाल दिया गया।


