नोएडा। नोएडा में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और वाहन जनित प्रदूषण को कम करने के लिए फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (फोनरवा) ने कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और बड़े कॉरपोरेट संस्थानों के कार्य समय में अंतर करने की मांग की है। फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने इस संबंध में जिलाधिकारी, गौतमबुद्ध नगर को पत्र भेजकर चरणबद्ध समय व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
एक ही समय पर सड़कों पर उतरते हैं हजारों वाहन
सुबह-शाम बढ़ जाता है ट्रैफिक दबाव। फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि नोएडा में बड़ी संख्या में कॉरपोरेट कार्यालय और औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां हजारों कर्मचारी रोजाना कैब और निजी वाहनों से आते-जाते हैं। अधिकांश संस्थानों के खुलने और बंद होने का समय लगभग एक जैसा होने के कारण पीक आवर में प्रमुख सड़कों और चौराहों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है। इससे रोजाना लंबे जाम की स्थिति बनती है।
अलग-अलग समय पर आएंगे-जाएंगे कर्मचारी
ट्रैफिक को अलग-अलग समय में बांटने का सुझाव। फोनरवा ने सुझाव दिया है कि अलग-अलग कार्यालयों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों के कार्य समय में 30 मिनट से 2 घंटे तक का अंतर रखा जाए। इससे कर्मचारी अलग-अलग समय पर अपने कार्यस्थल पहुंचेंगे और वापस लौटेंगे। एक ही समय में सड़कों पर आने वाले वाहनों की संख्या कम होने से पीक आवर का ट्रैफिक दबाव भी घटाया जा सकता है।
जाम कम होने से ईंधन और प्रदूषण दोनों में आएगी कमी
जाम में खड़े वाहनों से बढ़ता है प्रदूषण। फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि ट्रैफिक जाम में वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं या बेहद धीमी गति से चलते हैं। इससे ईंधन की अनावश्यक खपत होती है और वाहन जनित प्रदूषण बढ़ता है। इसका असर लोगों के समय और जेब के साथ-साथ नोएडा की वायु गुणवत्ता पर भी पड़ता है।


