नोएडा। स्वतंत्रता दिवस पर हम उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। नोएडा से जुड़े ऐसे ही स्वतंत्रता सेनानियों की संघर्षगाथाएं आज भी लोगों को देशभक्ति, साहस और त्याग की प्रेरणा देती हैं। अंग्रेजों की जेल, कठोर यातनाओं और लंबे संघर्ष के बावजूद इन वीरों ने आजादी की लड़ाई से कदम पीछे नहीं खींचे।
स्वतंत्रता सेनानियों का संघर्ष आज भी परिवारों की आंखें नम कर देता है
आजादी के आंदोलन में सक्रिय रहकर जेल जाने और अंग्रेजी हुकूमत की प्रताड़ना झेलने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार आज भी उस दौर को याद कर भावुक हो जाते हैं। हालांकि, अपने पूर्वजों के देश के लिए किए गए त्याग और समर्पण को याद कर इन परिवारों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। उनके संघर्ष की कहानियां नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
पिथौरागढ़ में आजादी की अलख जगाने वाले गंगा दत्त शर्मा
सेक्टर-137 स्थित सुपरटेक इकोसिटी निवासी सरकारी स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य और एनसीसी की सेवानिवृत्त मेजर सरोज जोशी हर स्वतंत्रता दिवस पर अपने पिता गंगा दत्त शर्मा को भावुक होकर याद करती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
1939 में कांग्रेस से जुड़े, 1942 के आंदोलन में हुए गिरफ्तार
सरोज जोशी के अनुसार, गंगा दत्त शर्मा वर्ष 1939 में कांग्रेस से जुड़े और 1940 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भागीदारी की और गांधीवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया। इसी दौरान पिथौरागढ़ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और छह माह की कठोर सजा भुगतनी पड़ी।


