नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर मकान, फ्लैट और भूखंडों के स्वामित्व हस्तांतरण (ट्रांसफर मेमोरेंडम) से पहले संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) अनिवार्य करने की मांग की है।
बिना सूचना ट्रांसफर से बढ़ रही परेशानी
फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार संपत्तियों का हस्तांतरण आरडब्ल्यूए को जानकारी दिए बिना हो जाता है। इससे मेंटेनेंस शुल्क की वसूली, बकाया देयताओं के निस्तारण, नए स्वामी का रिकॉर्ड अपडेट करने और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने में कठिनाई होती है।
बकाया और रिकॉर्ड का होगा समय पर निस्तारण
योगेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि ट्रांसफर मेमोरेंडम जारी करने से पहले आरडब्ल्यूए की एनओसी अनिवार्य कर दी जाए तो यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संपत्ति पर कोई बकाया लंबित न हो। साथ ही नए स्वामी का विवरण समय पर आरडब्ल्यूए के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा, जिससे भविष्य में विवाद की संभावना भी कम होगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि इस व्यवस्था से संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनेगी। इससे अनावश्यक मानवीय विवेकाधिकार कम होगा, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा तथा संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े विवाद कम होने के साथ निवासियों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।


