हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। जिले में अप्रैल में हुई श्रमिक हिंसा मामले में आरोपित आकृति चौधरी की बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कार्पस) याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
तीन सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
हाई कोर्ट में श्रमिक हिंसा मामले की आरोपित आकृति चौधरी की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता राजवेंद्र सिंह, अधिवक्ता चार्ली प्रकाश और कमल कृष्ण राय ने पक्ष रखा।
केंद्र और राज्य सरकार ने कोर्ट में स्वीकार किया नोटिस
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एसके पाल और राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित हुए और नोटिस स्वीकार किया। कोर्ट ने दोनों प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया।


