नोएडा। सेक्टर-37 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्नल को साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज होने का डर दिखाकर दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान उन्हें लगातार निगरानी में रखकर मानसिक दबाव बनाया गया।
ऑनलाइन कोर्ट का रचा गया नाटक
ठगों ने खुद को जज और सीबीआई अधिकारी बताकर ऑनलाइन कोर्ट की फर्जी सुनवाई का नाटक रचा। उन्होंने कर्नल को जेल भेजने और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाते हुए उनकी पूरी जमा-पूंजी की जानकारी हासिल कर ली।
आरबीआई खाते में रकम भेजने का झांसा
साइबर अपराधियों ने दावा किया कि जांच पूरी होने तक रकम को आरबीआई के सुरक्षित बैंक खातों में स्थानांतरित करना होगा। झांसे में आए सेवानिवृत्त कर्नल ने उनके बताए खातों में कुल नौ लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस ने शुरू की जांच
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर अपराध पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर ठगों की पहचान और रुपये की ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है।


