नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाने वाला जेवर अब तेजी से विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। अब इसे रेल कनेक्टिविटी का प्रमुख हब बनाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है।
मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी की तैयारी
नमो भारत रैपिड रेल, दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन और नए रेल नेटवर्क का विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार हो चुका है। विभिन्न एजेंसियां इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुटी हैं। भविष्य में जेवर विकास मॉडल के साथ-साथ मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी का भी उदाहरण बनेगा।
सड़क और रेल नेटवर्क का विस्तार
नोएडा एयरपोर्ट से 15 जून से विमान सेवा शुरू होने के बाद 17 शहर सीधे जुड़ चुके हैं। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे लिंक, प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग और खुर्जा-पलवल के बीच 61 किलोमीटर लंबे नए रेल लिंक से जेवर की सड़क और रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
बुलेट ट्रेन और नमो भारत से मिलेगी रफ्तार
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर पर बनाया जाएगा, जहां से दिल्ली की दूरी महज 21 मिनट में तय होगी। वहीं, 72 किलोमीटर लंबे नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर से जेवर सीधे दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और ग्रेटर नोएडा से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को बिना ट्रेन बदले एयरपोर्ट तक तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।


