नोएडा। सेक्टर-130 आरडब्ल्यूए के उपाध्यक्ष अशोक चौहान के नेतृत्व में 5 प्रतिशत आबादी भूखंडों के निवासियों ने शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, सेक्टर-96 में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सेक्टर-130 समेत सभी 5 प्रतिशत आबादी वाले सेक्टरों में भूखंडों की नम्बरिंग क्रमबद्ध करने और मुख्य प्रवेश द्वारों पर सेक्टर का विस्तृत मानचित्र लगाने की मांग की गई।
बेतरतीब नम्बरिंग से लोगों को हो रही परेशानी
अशोक चौहान ने बताया कि सेक्टर-130 सहित अन्य 5 प्रतिशत आबादी वाले सेक्टरों में प्लॉट नम्बरिंग व्यवस्था अत्यंत अव्यवस्थित है। अधिकांश सेक्टरों में विभिन्न गांवों के 5 प्रतिशत भूखंड होने के कारण प्लॉट नम्बर WA, WP, SP, KU, CM, HL, SH और NL जैसे संक्षिप्त नामों से शुरू होते हैं। इससे एक ही श्रृंखला के प्लॉट अलग-अलग गलियों और स्थानों पर बिखरे हुए हैं। सेक्टर-130 भी तीन अलग-अलग स्थानों पर विकसित है और इसे ब्लॉकों में विभाजित नहीं किया गया है, जिससे लोगों को सही पते तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
डाक, डिलीवरी और आगंतुकों को होती है दिक्कत
आरडब्ल्यूए का कहना है कि यदि किसी सड़क पर WP-282 स्थित है तो उसी श्रृंखला का WP-285 कई गलियों के बाद मिलता है। इस अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण नए लोगों, रिश्तेदारों, डाक कर्मियों, डिलीवरी बॉय, सेवा प्रदाताओं और अन्य आगंतुकों को संबंधित भूखंड तक पहुंचने में काफी समय और परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह समस्या केवल सेक्टर-130 तक सीमित नहीं है, बल्कि सेक्टर-145 समेत अधिकांश 5 प्रतिशत आबादी वाले सेक्टरों में भी मौजूद है।
सीईओ ने दिए समाधान के निर्देश
आरडब्ल्यूए ने मांग की कि सेक्टर-130 सहित सभी 5 प्रतिशत आबादी वाले सेक्टरों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट और विस्तृत सेक्टर मानचित्र लगाए जाएं तथा भूखंडों की नम्बरिंग को क्रमबद्ध किया जाए, ताकि लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। समस्या सुनने के बाद नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने नियोजन विभाग के अधिकारियों को तत्काल समाधान करने और भूखंडों की नम्बरिंग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। इस दौरान धर्मपाल चौहान और सत्येंद्र गुर्जर सहित अन्य निवासी भी मौजूद रहे।


