नोएडा में दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक अब तक अधूरा पड़ा है। सेक्टर-52 और सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे इस स्काईवॉक का काम पिछले दो महीने से पूरी तरह बंद है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
डिजाइन बदलने में उलझा काम
स्काईवॉक को पूरा करने के लिए नोएडा प्राधिकरण, नोएडा मेट्रो और बीच में स्थित IKEA कंपनी के बीच बैठक भी हो चुकी है, लेकिन अब फिर से डिजाइन में बदलाव की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक तैयार हो चुके हिस्से को आगे बढ़ाकर बाएं मोड़ के जरिए जोड़ने की योजना पर चर्चा हुई है।
तपती धूप में परेशान हो रहे यात्री
स्काईवॉक अधूरा होने के कारण ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच सफर करने वाले यात्रियों को अब भी सीढ़ियां चढ़कर और सड़क पार कर सफर पूरा करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
IIT से ली गई मंजूरी
नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने दावा किया है कि नई डिजाइन को लेकर चर्चा पूरी हो चुकी है और इसके लिए आईआईटी से मंजूरी भी ले ली गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही काम दोबारा शुरू कराया जाएगा।
10वीं डेडलाइन भी सामने
इस परियोजना की 10वीं डेडलाइन 25 जून तय की गई है। गौरतलब है कि जून 2023 में स्काईवॉक का निर्माण शुरू करते समय पांच महीने में काम पूरा करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक नौ डेडलाइन निकल चुकी हैं।
33.50 करोड़ पहुंची परियोजना की लागत
लगातार देरी और डिजाइन में बदलाव के चलते परियोजना की लागत बढ़कर करीब 33.50 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। फिलहाल प्रोजेक्ट नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-3 के अंतर्गत है और हाल ही में वरिष्ठ प्रबंधक आरके शर्मा को इसका प्रभार सौंपा गया है।






