अच्छी खबर: नोएडा में बिजली व्यवस्था होगी हाईटेक, 603 करोड़ से बन रहा स्काडा सेंटर; बिजली फॉल्ट की जानकारी अब पल भर में मिलेगी

नोएडा में बिजली आपूर्ति को बेहतर और हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सेक्टर-62 में करीब 603 करोड़ रुपये की लागत से स्काडा (SCADA – Supervisory Control and Data Acquisition) सेंटर बनाया जा रहा है। इस सेंटर के शुरू होने के बाद शहर में कहीं भी बिजली फॉल्ट, ट्रांसफार्मर खराबी या लाइन में समस्या होने की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।

2027 तक शुरू होगा संचालन

स्काडा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और वर्ष 2027 तक इसे चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण Larsen & Toubro(एलएंडटी) कंपनी कर रही है।

अभी पूरी व्यवस्था मैनुअल सिस्टम पर निर्भर

फिलहाल नोएडा में बिजली आपूर्ति की निगरानी पूरी तरह मैनुअल तरीके से की जा रही है। शहर में अभी 88 सबस्टेशनों से बिजली सप्लाई हो रही है। किसी भी फॉल्ट या लाइन खराबी की सूचना पावर हाउस तक पहुंचने में 10 से 15 मिनट लग जाते हैं, जबकि समस्या दूर करने में 20 मिनट या उससे ज्यादा समय लग जाता है।

रोजाना आती हैं 250 से ज्यादा शिकायतें

बिजली विभाग के मुताबिक शहर में रोजाना 250 से अधिक शिकायतें बिजली आपूर्ति बाधित होने की दर्ज होती हैं। ट्रिपिंग, फीडर खराबी, ट्रांसफार्मर फॉल्ट और लाइन ब्रेकडाउन जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं।

फॉल्ट होते ही कंट्रोल रूम में पहुंचेगी सूचना

स्काडा सेंटर बनने के बाद बिजली नेटवर्क से जुड़े सभी उपकरण सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल सेंटर से जोड़ दिए जाएंगे। आरएमयू (रिंग मेन यूनिट), ट्रांसफार्मर, बिजली लाइनें, पोल, सब-स्टेशन और सर्किट ब्रेकर तक की निगरानी एक ही जगह से होगी।

उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा फायदा

नई तकनीक लागू होने के बाद बिजली फॉल्ट की जानकारी पल भर में मिल जाएगी, जिससे कर्मचारियों को मौके तक पहुंचने और सप्लाई बहाल करने में कम समय लगेगा। इससे नोएडा के औद्योगिक और आवासीय इलाकों में बिजली आपूर्ति पहले से ज्यादा तेज और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।

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