ग्रेटर नोएडा। चैंबरों के नवीनीकरण को लेकर चल रहे विवाद में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) को जवाब भेजा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि वर्षों पुराने अधिवक्ता चैंबरों का केवल नवीनीकरण कराया जा रहा है।
प्राधिकरण ने मांगे थे स्वीकृत मानचित्र और एनओसी
जनपद न्यायालय सूरजपुर और उपभोक्ता फोरम के अधिवक्ताओं के बीच चल रहे चैंबर विवाद में प्राधिकरण ने 19 मई 2026 को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य की वैधता पर सवाल उठाए थे। साथ ही तत्काल प्रभाव से कार्य रोकने के निर्देश भी दिए गए थे. प्राधिकरण द्वारा 18 और 19 मई को जारी पत्रों में स्वीकृत मानचित्र, स्ट्रक्चरल इंजीनियर से प्रमाणित डिजाइन और न्यायालय की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगी गई थी।
बार एसोसिएशन बोला- दस्तावेज पहले ही दिए जा चुके
बार एसोसिएशन ने अपने जवाब में कहा कि स्वीकृत मानचित्र और स्ट्रक्चरल डिजाइन की प्रतियां पहले ही मौके पर पहुंचे प्राधिकरण कर्मचारियों को उपलब्ध करा दी गई थीं। इसके बावजूद सभी दस्तावेज दोबारा प्राधिकरण को भेज दिए गए हैं. एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि चूंकि यह नया निर्माण नहीं बल्कि पुराने चैंबरों का नवीनीकरण है, इसलिए किसी प्रकार की न्यायालयीय एनओसी की आवश्यकता नहीं है।
15 साल में बढ़ी वकीलों की संख्या, चैंबर हुए जर्जर
बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज माटी और सचिव शोभाराम चन्दीला द्वारा अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी को भेजे गए पत्र में बताया गया कि 4 मई 2026 को प्राधिकरण सभागार में हुई बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि जिस स्थान पर कार्य हो रहा है, वहां उपभोक्ता फोरम की स्थापना के समय से ही अधिवक्ताओं के चैंबर बने हुए थे। पत्र में कहा गया कि अधिवक्ताओं ने अपने स्तर पर चैंबर बनाए थे और बिजली कनेक्शन भी लिए थे। पिछले 15 वर्षों में अधिवक्ताओं की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, जबकि नए चैंबरों का आवंटन नहीं हुआ। पुराने चैंबरों की हालत भी जर्जर हो चुकी थी, जिसके चलते नवीनीकरण आवश्यक हो गया।
रंगदारी मांगने और विवाद बढ़ाने का आरोप
बार एसोसिएशन ने कुछ असामाजिक तत्वों और अधिवक्ता विरोधी लोगों पर गलत शिकायतें करने और रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन का कहना है कि मामले को जानबूझकर विवादित बनाने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।






