दीप चौधरी, नोएडा : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन अब युवाओं के बीच तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कार्डियोलॉजी और मेडिसिन ओपीडी में आने वाले हर 10 में से 3 से 4 मरीज हाई बीपी या अनकंट्रोल्ड ब्लड प्रेशर से जुड़े होते हैं।
युवाओं में तेजी से बढ़े मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले 5 से 7 वर्षों में 25 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में हाइपरटेंशन के मामलों में 35 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। डॉक्टर इसे आने वाले समय के लिए गंभीर चेतावनी मान रहे हैं।
रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे मरीज

यथार्थ हॉस्पिटल, सेक्टर-110 नोएडा के एचओडी एवं सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजी डॉ. पंकज रंजन ने बताया कि छोटे क्लीनिक्स में रोजाना 15 से 25 मरीज, जबकि बड़े अस्पतालों की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से 150 मरीज हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं।
तनाव और खराब लाइफस्टाइल बन रही वजह
डॉ. पंकज रंजन ने बताया कि पहले हाई ब्लड प्रेशर को 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब बड़ी संख्या में युवा प्रोफेशनल्स भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। नियमित हेल्थ चेकअप के दौरान या सिरदर्द, तनाव, चिंता, थकान और नींद की कमी जैसी शिकायतों के बाद युवाओं में हाइपरटेंशन की पुष्टि हो रही है। सबसे ज्यादा मरीज 31 से 45 वर्ष आयु वर्ग से सामने आ रहे हैं।






