नोएडा को और ज्यादा सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सेफ सिटी प्रॉजेक्ट ने अब रफ्तार पकड़ ली है। लंबे इंतजार और तीन बार टेंडर फेल होने के बाद आखिरकार नोएडा अथॉरिटी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इस प्रॉजेक्ट के तहत शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आधुनिक तकनीकों से लैस सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन लगाए जाएंगे।
करीब 212 करोड़ रुपये की लागत से नोएडा के 561 प्रमुख स्थानों पर 1,949 हाईटेक नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे सिर्फ निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि फेस डिटेक्शन और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) जैसी एडवांस तकनीकों से लैस होंगे। इससे संदिग्ध लोगों और वाहनों की पहचान करने में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के 147 स्थानों पर इमरजेंसी पैनिक बटन भी लगाए जाएंगे। किसी भी खतरे या आपात स्थिति में इन बटनों को दबाते ही पुलिस कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट पहुंच जाएगा, जिससे मौके पर तेजी से मदद भेजी जा सकेगी।
शुक्रवार को नोएडा अथॉरिटी के बोर्ड रूम में सीईओ कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट को अंतिम मंजूरी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की ‘सेफ सिटी’ पहल का हिस्सा है, जिसका मकसद नोएडा को स्मार्ट, सुरक्षित और तकनीक आधारित शहर के रूप में विकसित करना है।
प्रॉजेक्ट के तहत शहर के 100 प्रमुख चौराहों और रास्तों पर ANPR कैमरे लगाए जाएंगे, जो तेज रफ्तार से गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट भी आसानी से स्कैन कर सकेंगे। इससे चोरी की गाड़ियों, अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। पुलिस को अपराधियों की ट्रैकिंग और जांच में भी इससे बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।






